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हिंदीत काहीतरी लिहिण्याचा पहिला प्रयत्न

हिंदीत काहीतरी लिहिण्याचा पहिला प्रयत्न

डूब रहे है हम, और किनारे कहा है?
हमे राह दिखानेवाले सितारे कहा है?

हम तो हमेशासेही थे उनके
वो कह रहे है, वो हमारे कहा है?

ये धरतीपर चलनेवाले झुटे ख्वाब है
हमे बेवफा करदे ऐसे नजारे कहा है?

ये किसकी धून है, ये हमारी नाही हो सकती
चीर पाए जो दिल को ऐसे तराने कहा है?

प्यार करने का मौसम अभी जवान है
अभी इतने भी हम पुराने कहा है?

इस घडी की टीक-टीक ने सबको बदल डाला
कलतक जो तुम्हारे थे, वो अब तुम्हारे कहा है?

उंगलियों से फिसलनेवाली रेत है ये,
चुटकी से थम जानेवाले ये जमाने कहा है?

आज रूखे-सुखे शब्दोके पत्तेही इधर आए
वो अल्फाजों को लेकर आनेवाली बहारे कहा है?

हम तो मरने के लिए तय्यार खडे है
पर वो दिल से मारनेवाले इशारे कहा है?

हमे जमीन पर अकेलेही गिरने दो
हमे संभाल पाए ऐसे सहारे कहा है?

— मयुरेश कुलकर्णी

  1. Shirin
    May 13, 2011 at 3:11 pm

    उंगलियों से फिसलनेवाली रेत है ये,
    चुटकी से थम जानेवाले ये जमाने कहा है?…………….ha sher mastach!

    इस घडी की टीक-टीक ने सबको बदल डाला
    कलतक जो तुम्हारे थे, वो अब तुम्हारे कहा है?………….pan इस घडी की टीक-टीक hya shabdanmule evdha sundar vichar ekdum samanya watala!

  2. Milind Kulkarni
    May 27, 2011 at 12:18 pm

    this is equally good like, Baki ahe.

  3. Shital Bhosale
    June 4, 2011 at 7:01 pm

    Great Mayuresh……
    Hindi madhe khup chaan lihlie ahes…..
    Simply great!!

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